31/05/08

धन्यवाद

आप सब का धन्यवाद, मुझे याद रख्ने के लिये,कुछ समय मुझे लगे गा फ़िर से अपनी जिन्दगी मे लोटने के लिये,फ़िर से आप की सेवा मे आने के लिये, बस कुछ ऎसा होता हे की मेरे जेसा कठोर आदमी भी डगमगा जाता हे... जल्द ही फ़िर से आउगा, तब तक के लिये माफ़ी चहाता हू
धन्यवाद

13/05/08

नमस्ते, नमस्कार, सलाम अलविदा..


सब दोस्तो को नमस्कार..

मुझे शिकायत हे उन लोगो से जो....

आप ने भारत मे कोई भी ऎसी जगह नही देखी होगी जहां गन्दगी ना हो,कभी सोचा हे यह सब गन्दगी कहा से आती हे.....
मुझे शिकायत हे उन सभी लोगो से जो हर जगह ,अपने आस पास गन्दगी डालने से वाज नही आते, बाजार मे मुफ़ली खाई ओर छीलके हर तरफ़ फ़ेकं दिये, केला खाया ओर छिलका .. यानि हम कोई मोका नही खोना चाहते गदंगी ना डालने का, ओर फ़िर दोष सरकार को, मुनिस्पलटी को, ओर दुसरे लोगो को..
यह हमारा देश हे हमे यहां रहना हे तो क्यो ना इसे साफ़ रखे, गन्द इधर उधर ना डाल कर अपने पास एक थेली मे रखे ओर उसे उचित स्थान पर ही फ़ेके, घरो के गदंगी कॊ, कुडे को भी पहले घर के कुडे दान मे फ़िर जहां कुडा फ़ेका जाता हे वहां फ़ेके,आप को देख कर सभी एक दिन ऎसा ही करे गे फ़िर देखे कितना साफ़ होता हे हमारा देश, वेसे मे यह कर चुका हु, ओर मुझे देख कर ओर भी आसपडोस ने यही किया

12/05/08

मुझे शिकायत नही हे मिस ? मिस्टर अनॉनीमस से

अरे चोकिये मत ? आप सोच रहे होगे राज जी भांग पी कर तो नही यह लिख रहे ?
अजी नही मे तो बस इतना कहना चहाता हुं इन मिस ? मिस्टर अनॉनीमस , बेनामी से की भई आप को किसी की पोस्ट पर कुछ गलत लगे तो सीधे भले मानस की तरह से अपनी टिपण्णी दे दो, बस क्यो बेनामी बन कर अपना नाम बदनाम करते हो,क्यो की आप की कई टिपाण्णी सभी पढते हे, ओर पढने वाले एक दुसरे की टिपण्णीयो की भाषा भी पहचानते हे, तो आप की टिपण्णी ही आप की पहचान हे, तो क्यो अपनी बची खुची इज्जत भी खराब करवाते हो ओर दुसरे को उस की गलतिया बता कर उस का नुकसान करने के वजाय उस का लाभ करते हो.

मुझे शिकायत हे,भगवान के संसार से

करलो बात, अब भगवान के बन्दो से भी शिकायत, अजी ठीक ही तो हे, तो आप भी सुने फ़िर कहे हमारी शिकायत उचित हे या नही,
सुनने के लिये यहां दबाये...

Get this widget Track details eSnips Social DNA
)
ओर सुनने देखने के लिये यहां दवाये...


11/05/08

मुझे शिकायत हे,बेटी

हम रोजाना पेपर मे, अखबारो मे, टी वी पर, ओर अपने आसपडोस मे देखते सुनते हे, कि क्न्या भ्रुण यानि अगर गर्भ मे लडकी हे तो उसे समय पहले ही निकाल फ़ेकों,ओर हम यह सब देख सुन कर क्या करते हे, कुछ नही, बस अफ़्सोस करेगे, उसे बुरा कहे गे, उस ड्राकटर को बुरा कहे गे, इस के सिवा हम क्या करते हे ??? कुछ नही यानि हम भी उस पाप मे पुरे भागीदारी निभाते हे, हम कर सकते हे बहुत कुछ....
मुझे शिकायत हे उन लोगो से जो क्न्या भ्रुण को समय से पहले निकालते हे, उन ड्राकटरो से भी शिकायत हे जो चन्द पेसो के लिये कंस बन जाते हे, ओर फ़िर उन आस पडोसियो से, उन नगरिको से भी शिकायत हे, क्यो नही वह ऎसे लोगो से वायकाट करते जो इन कामो मे लगे हे, क्यो नही उन परिवारो से वाय्काट नही करते जो जन्म से पहले ही एक कन्या की हत्या करते, क्यो नही इन लोगो की पुलिस मे रिपोर्ट करते, की एक ही रात मे प्रेग्नेसी का कया हुया, कहा गया बच्चा, क्यो नही उन्हे सजा दिलवाते जिन्होने यह काम किया या करवाया हे, जब आप को पता लगे झट से क्यो नही पुलिस मे जाते,वह स्त्रिया क्यो नही पुलिस मे जाती, कि मेरे साथ यह काम हुया हे, वह भाई ,वह चाची, बुआ जो भी उस परिवार मे रहते हे क्यो चुप रहते हे,जब हम सब जांगेगे तभी यह हत्या रुके गी .
तो उठो ओर जागो अपने कर्म को देखो, मत देखो यह घिनोना काम करने वाला कोन हे, पहले रोको इस घिनोने काम को अगर समय रहते रोक सको तो रोको, वरना सजा दिलाओ इन्हे, सिर्फ़ नारे वाजी, भाषण वाजी,या सभाये लगने से कुछ नही होने वाला.

10/05/08

मुझे शिकायत हे,सारी दुनिया से

एक शिकायत हे आप से, इन से, उन से,इस पुरी दुनिया से, यह शिकायत सिर्फ़ मेरी ही नही आप सब की हे,आप को मुझ से, मुझे उस से, उसे आप से,गलती हम सब मे ही हे, क्यो नही बदल जाते हम ताकि शिकायत ही ना किसी को किसी से सभी खुश रहे...
तो सुनिये यह शिकायत... ओर बताईये केसी हे यह शिकायत..

08/05/08

मुझे शिकायत हे,हिजडा.

हर आदमी के जीवन मे अनेक तरह की बिमारीया, दुख, सकंट आते हे, लेकिन जो हमे प्यार करते हे, या जिन्हे हम प्यार करते हे, इन बातो से डर कर हम उन का साथ नही छोड देते ओर ना ही वो हमे छोड्ते हे, ओर अगर साथ छोड दे तो यह प्यार झुठा हुया, ओर फ़िर मां वाप का प्यार तो कहते हे कभी झुठा नही होता, अगर यह सच हे तो .....
मुझे शिकायत हे उन मां वाप से जॊ एक शारिरीक कमी के कारण अपने बच्चे कॊ इस निष्ठुर दुनिया मे गलियो की खाक खाने के लिये . सिरफ़ अपनी झुठी इज्जत के कारण अपने ही दिल के टुकडे कॊ, पहले दिल से फ़िर हमेशा के लिये घर से निकाल देते हे, उस शारिरीक कमी मे उस बच्चे की कया गलती होती हे,जन्म के समय जो बच्चो मे कमीयां होती हे ज्यादा तर उस मे माता पिता की भी गलती होती हे, तो क्यो अपनी गलती की सजा अपने उस बच्चे को (जो हिजडे के रुप मे हे )देते हे, ओर रोना अपने कर्मो का,
ओर यही शिकायत अपने भारतिया समाज से भी हे क्यो नही इस तरह के मनुष को हम इज्जत से अपने पेरो पर खडा होने देते, क्यो इसे एक अलग पहचान देते हे, यह भी हमारी तरह से एक दिल रखते हे, दिमाग रखते हे इन कि भी भावन्ये हे,इन का भी दिल करता हे ओरो कि तरह से अपने घर मे अपने दोस्तो मे रहे, भारत ओर पाकिस्तान के सिवा इन लोगो को अन्य देशो मे बराबरी का हक हे, इन्हे अपने से अलग कर के पाप के भागी दारी मत बनो, इन्हे भी समाज का ही एक हिस्सा समझो, ओर जिन के घर ऎसे बच्चे जन्म ले उन्हे अन्य बच्चो की तरह से इन्हे भी घर मे जगह देनी चाहिये,इन्हे प्यार ओर साहनुभुति की जरुरत हे, जागो अभी भी जागो, पुरानी घिसी पिटी बातो मे मत जाओ, यह भी तो तुम्हारी हमारी तरह से जिते जागते इन्सान हे.
जो बद किसमत लोग इन्हे दुत्कारते हे, वह हमेशा बच्चो के लिये तरसते हे.

एक चिडियां की शिकायत अपने चिडे से

ध्यान से सुने इस दिवानी चिडियां की शिकायत, ओर खुद ही फ़ेसला दे, बेचारा चिडां....

06/05/08

एक शिकायत इस रुप मे भी

मुझे नही पता कोन गीत कार हे, किस ने लिखा हे बस शिकायत पसंद आई ओर आप कॊ पेश कर दी..
एक शिकायत अपने बाबा (पिता )से...

मुझे शिकायत हे (लाईन)

अकसर आप सब ने देखा हो गा जब भी कभी हम फ़िल्म देखने, बस की लाईन मे, बिजली का बिल देने केलिये लाईन मे लगे हो तो कई लोग.....लाईन तोड कर ओर दुसरो की भावानयो का खयाल ना रखते हुये...
मुझे शिकायत हे, ऎसे लोगो से जो किसी भी जगह जरुरत के हिसाब से ओर लोगो की सहुलिय्त के हिसाब से लाइन मे ना लग कर,ओर धक्का मुकी कर के अपना नम्बर से पहले जाते हे, जिस से महिलाओ , बच्चो ओर हमारे बुजुर्गो कॊ बहुत दिक्कत होती हे , ओर कई बार इन लोगो की अधिक गर्मी से या अधिक सर्दी से तबियत भी खराब हो जाती हे,क्यो नही हम सब इन्सानो की तरह से लाईन मे लग कर ओर अपने नमबर आने का इन्तजार करते ? यह हाल कई बार हर जगह देखा जाता हे जेसे बस स्टाप पर, बिजली ओर टेली फ़ोन के बिल के भुगतान पर, सिनेमा के बाहर.

04/05/08

शिकायत ओर गिलो शिकवो से दुर..

आईये आप को एक ऎसी दुनिया मे ले चले, जहां किसी कॊ किसी से कोई गिला, शिकबा, ओर कोई शिकायत ना, ना कोई गेर हो, ना कोइ दुशमन हो बस सब अपने ही अपने हो... तो करे अपनी फ़लाईट की यह उडान शुरु.. तो चलिये.

यह गीत हम ने फ़िल्म दुर गगन की छावं से लिया हे,जो बनी थी १९६४ मे ओर फ़िल्म के बोल हे.. आ ले के तुझे...रचना कार शेलेंद्र हे, ओर गीत कार किशोर कुमार जी

03/05/08

धन्यवाद.

मे हार्दिक धन्यवाद करता हु, पुरी नारद टीम, बलागबाणी टीम, ओर चिट्ठा जगत की टीम को, जिन्हो ने मेरे लेखो को लोगो तक पहुचाया ओर मुझे अन्य लोगो से मिलवाया.धन्यवाद

02/05/08

भाई बलबिन्दर जी का कहना, मुझे शिकायत हे.

आज मुझे बलबिन्दर जी की टिपण्णी मिली,जिस मे उन्होने एक शिकायत की हे हम सब से. वेसे मे भी इस शिकायत के अनुसार इन का दोषी हू, ओर आईंदा अपनी गलतिया सुधारने की कोशिश करुगा.तो लिजिये आज की पहली शिकायत.....हिंदी चिट्ठाकारी के धरातल पर मेरी शिकायत ये है कि बहुतेरे चिट्ठाकार, वर्तनी (spelling) की गम्भीर त्रुटियाँ करते हैं तथा उनके ध्यान में यह बात लाये जाने पर बड़े ही ढ़ीठपने से उत्तर देते है कि 'आप शब्दों (की त्रुटियों) पर क्यों जाते है, भावनायें समझिये'
और तो और, यदि मेरी ओर से, perfection का आग्रह किया जाता है तो यह कटाक्ष किया जाता है कि 'क्या आपको perfection का हिंदी अनुवाद नहीं आता'
मेरी शिकायत यही है कि जब आप अंग्रेजी भाषा लिखते समय वर्तनी का ध्यान रखते हैं, अंग्रेजी भाषा पढ़ते समय मिले क्लिष्ट शब्दों को समझने के लिये, विभिन्न शब्दकोष खंगालते हैं, तो अपनी भाषा के सम्प्रेषण में भावना की जिद क्यों करते हैं। उस समय क्यों नही अपने मष्तिष्क को चौकन्ना रखते? बेशक transliteration में समस्यायें है, किन्तु लिखते समय उन्हें समझना चाहिये कि
वैश्य - वेश्या
दम - दमा
रज - राज - रजा
आदि - आदी
प्लग - प्लेग
पेज - पेग
दिन - दीन
बहुत - भुत (भूत)
मरना- मारना

जैसे अनगिनत उदाहरणों के चलते उनकी 'भावना' का अभिप्राय बदल जाता है। जरा अपने किसी अंग्रेजी भाषा के आवेदन/ प्रस्तुतिकरण में मामूली सी mistake करके देखें, जैसे
Log - Long
Part - Fart
Sum - Some
Cheque -Check
Chat -Chant
Abut -About
Bomb - Womb

हिंदी चिट्ठाकारी के धरातल पर मेरी शिकायत ये है

2. Mai 2008 18:21

समीर जी के नाम

यह ब्लोग समीर जी के नाम से, उन्हो ने मुझे राय दी, ओर मुझे अच्छी लगी, इस ब्लोग मे आप सभी अपनी शिकायत भेज सकते हे, जिसे मे यहां लेख या शिकायत के रुप मे प्रकाशित करुगा, ओर लोगो से सलाह , राय भी मागे गे, मुझे भी कई बार कोई बात समझ नही आती तो हम अपने दोस्तो से ही राय मगंते हे, ओर जो राय अच्छी लगे उसे अपना लो,

हमारे समाज मे अच्छाई हे तो साथ मे कई बुराई भी हे,जो अन्धविशवास के रुप मे, हमारी अग्यानता के रुप मे हे, कई गलितया हम रोजाना करते हे जिस के वारे हमे पता नही होता ओर आसपास वाले शिषटा वश हमे कुछ नही कहते, आप सब से निवेदन हे आप भी मेरा साथ दे, ओर हम अपने समाज की सभी बुराईया समाने लाये जिस से यह बुराईया धीरे धीरे खतम होगी, आसान नही लेकिन मुस्किल भी नही हे एक से दो,दो से चार सीखेगे ओर धीरे धीरे धीरे सभी सीख जाये गे,

आप लोग भी अपनी राय इस बारे मे जरुर दे,ओर आप भी कोई बुराई समाज मे देखे तो जरुर इस शिकायत मे दर्ज करवाये,आप का अति आभार होगा,

यहां सिर्फ़ शिकायत ही नही ओर भी बाते होगी, कभी कभार सगीतं, कभी कहानी कभी बात चीत भी होगी,

अन्त मे मे समीर जी का फ़िर से धन्यवाद करता हू, ओर आज *मेरी शिकायत का यह पहला लेख समीर जी को अर्पित हे

01/05/08

New Blog नया ब्लोग

Welcome to everybody on my new Blog,
Discussions about Religion and Culture and Music and Films.
Have Fun

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।