01/04/10

इसे सबसे बाद में पढना जी खाली वक्त होने पर

मैनें आपको बताया था कि
इसे सबसे बाद में पढना
फिर भी आप सबसे पहले
इसे ही पढने लग गये।
मैं ये कह रहा था कि
आज आपको कोई भी
पोस्ट नही पढनी चाहिये
आज आपको ज्यादातर चिट्ठों
पर कुछ भी खास नहीं मिलेगा
अब आप यहां आ गये हैं
इस पोस्ट को पढने लेकिन
मैनें इस पोस्ट में कुछ भी
नही लिखा है
अब आप सोच रहे हैं
कि मैनें आपको अप्रैल फूल बना दिया
अब आपको गुस्सा आ रहा होगा
गुस्सा स्वास्थय के लिये हानिकारक
होता है जी
यह पोस्ट तो मैनें यूं ही
टाइम पास करते हुये लिखी थी
लेकिन आप भी बेकार की
चीजों में उलझे रहते हैं
आप सोच रहे हैं कि हम
यहां आये ही क्यूं और आये
तो पढ  क्यूं रहे हैं,
मगर  आप पूरा पढ कर ही जायेंगें
क्योंकि  हो सकता है कि
आखिरी  पंक्तियों  में ही कुछ
खास बात लिखी हो
और आप ये भी सोच रहे हैं
कि काश  ऐसी पोस्ट 
हमने भी लिखी होती
कोई बात नहीं है
अगले साल ऐसी ही पोस्ट
लिख लेना या इसे ही
कापी-पेस्ट कर देना
अब आप बिना टिप्पणी किये जायेंगें
ये दिखाने के लिये कि आप
यहां आये ही नही हैं
Happy Blogging

15 comments:

  1. हा-हा-हा... बढ़िया बनाया आपने भी अंतर सोहिल जी , आपको भी पहली तारिख की हार्दिक शुभकामनाये :)

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  2. good acha he


    blogger's ko bulane ka tarika

    http://kavyawani.blogspot.com/


    shekhar kumawat

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  3. लो जी...हम तो डंके की चॊट यहां आये हैं. और ये टिप्पणी भी संभालिये.

    रामराम

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  4. आप इस टिप्पणी को मत पढ़िए...

    लेकिन आप भी कहां मान रहे हैं...

    पूरी टिप्पणी पढ़ कर ही बाज आएंगे...

    शायद आखिर में कुछ तारीफ़ लिखी हो...

    राज जी, सवा अरब को क्या बनाएंगे...यहां तो सब रेडीमेड ही बने बनाए आते हैं...

    जय हिंद...

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  5. बहुत अच्छी पोस्ट ...कितनी सुन्दर तस्वीरें ...वाह ...बहुत सुन्दर ...
    इतनी ज्ञानवर्धक पोस्ट के लिए बहुत आभार ...:):)....!!

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  6. आपकी बात मान ली । आज बिना पढ़े ही टिपिया दिया ।

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  7. हमें तो यहाँ कुछ भी लिखा नहीं दिखाई दिया...बस कुछ टेढे मेढे से अक्षर दिखाई पड रहे हैं....
    पता नहीं लोग भी न जाने क्यों फालतू में ब्लाग बनाकर बैठ जाते हैं...भई जब कुछ लिखना ही नहीं तो ब्लाग किस लिए बना रखा है ।
    हैप्पी मूर्खतादिवस :-)

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  8. अजी हम तो आज आये ही नही

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  9. मैं तो व्यस्त था, इसलिए आ नहीं पाया देखो:

    आज मूर्ख दिवस मनाने में इतना व्यस्त रहा कि कहीं किसी ब्लॉग पर जाना हुआ नहीं यद्यपि दिवस विशेष का ख्याल रख यहाँ चला आया हूँ और आकर अच्छा लगा. धन्यवाद दिवस विशेष पर की गई अपेक्षाओं पर आप खरे उतरे!!

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  10. आप सोच रहे होंगे कि अच्‍छा यह भी? चलो आज 12 को बनाया। खुश होते - होते लग रहा है कि पढ़ तो लें टिप्‍पणी क्‍या पता क्‍या लिखा हो? मेरी डेली डायरीनुमा कविता को वाह-वाह ही कर दें। क्‍या पता सर्वसुलभ नाइस का तड़का भी लगा दे। लेकिन आपकी दाल ठीक ठाक पक गयी है, छोंक भी ठीक ही लग रहा है। हींग की खुशबू भी आ रही है। धनिए की पत्तियां भी खुबसूरत लग रही हैं। आप तो इस टिप्‍पणी को भी सहेज लेना अगली बार पोस्‍ट के साथ ही चिपका देना।

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  11. मैं कोई टिप्पणी नहीं करूँगा

    आज सिर्फ हुक्का गुर्गुराऊंगा गुर्र गुर्र

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  12. शायद आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार के चर्चा मंच पर भी हो!
    सूचनार्थ!

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नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।