15/09/10

मुझे शिकायत है? क्या आप को भी इन से शिकायत है??

मेरी लिस्ट मै कुछ मेरे मन पसंद ब्लांगर है, जिन्हे मै अक्सर पढता हुं , ओर टिपण्णी भी देता हुं, लेकिन कई बार इन के ब्लांग पर जाते है ही झट से वापिस आ जाता हुं, या फ़िर मुझे अपने स्पीकर की आवाज बंद करनी पडती है, ज्यादातर तो मै वापिस ही आ जाता हुं, एक दो बार मैने इन से कहा भी लेकिन ..... भाई ब्लांग उन का है वो मालिक है जो चाहे करे, मै कोन होता हुं रोकने वाला, हां जाना ओर टिपण्णी देना तो मेरे बस मै है, इस लिये कई बार सोचता हुं कि क्या मै अकेला ही इस शोर से परेशान होता हुं, या आप लोग भी होते है, जी मै उस शोर की बात कर रहा हुं जिसे यह लोग मधुर संगीत के तॊर पर अपने ब्लांग मै बेकं मै बजाते है, शायद इन्हे यह अच्छा लगता हो, लेकिन कितने पाठक यह खो देते है... यह इन्हे नही पता.

मै कई ब्लांग पर जाता हुं तो कर्ण भेदी संगीत कानो कॊ छेद देता है, जो बिलकुल भी पसंद नही आता, बस यही मेरी शिकायत है, ओर उन ब्लांगो पर मै जाना बंद कर देता हुं, क्या आप भी मेरी तरह से ही सोचते है??

36 comments:

  1. बहुत बढ़िया प्रस्तुति .......

    मेरे ब्लॉग कि संभवतया अंतिम पोस्ट, अपनी राय जरुर दे :-
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_15.html
    कृपया विजेट पोल में अपनी राय अवश्य दे ...
    .

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  2. जी बिल्कुल नहीं
    मैं तो जो ब्लॉग पसन्द आ जाये, उसकी हरेक पोस्ट जरुर पढता हूँ जी
    बस अपने स्पीकर की आवाज हमेशा म्यूट रखता हूँ। जब कुछ सुनना होता है तभी स्पीकर ऑन करता हूँ जी।

    प्रणाम स्वीकार करें

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  3. मुझे तो पता ही नहीं चलता कि किस ब्लॉग पर ऑडियो फाईल लगी है और खुलने पर क्या बज रहा है।

    प्रणाम

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  4. मेरा हाल भी अन्तरजी जैसा ही था। इधर कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही चतुर मेकैनिक की कृपा से इसकी (लै.टो.) बोलती ही बंद है।

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  5. अच्छा उपाय तो यही है की उसकी बोलती बंद कर दो.

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  6. भाटिया जी , इस बात से तो हम भी परेशान हैं ।बड़ा इरिटेटिंग लगता है । इसलिए स्पीकर ही बंद करना पड़ता है । पता नहीं लोग समझते क्यों नहीं ।

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  7. बात तो सही है कि कुछ संगीत हर किसी को पसंद नहीं हैं..
    अपने विचारों को संगीत के माध्यम से बताने के चक्कर में अपने पाठकों को खोना एक बहुत बड़ा नुक्सान है और लोगों को यह समझना चाहिए..

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  8. मैं भी जबरदस्ती का संगीत पसंद नहीं करता....

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  9. किसी के ब्लौग में जाने पे ये तीन बातें मुझे बेहद बुरी लगती हैं:-

    १. ब्लौग खुलते ही संगीत बजना.
    २. माउस के कर्सर की पूंछ या पतंग या कुछ और बनकर लहराते रहना
    ३. और हर तरह के गैरज़रूरी विजेट लगे रहना.

    इनके कारण मैं उस ब्लौग को देखते ही भाग खड़ा होता हूँ और फिर कभी वहां नहीं जाता.

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  10. जी मुझे भी है !

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  11. मैं तो आप जैसे सुलझे विचारों वाले ब्लोगर के हर शिकायत से सहमत हूँ ...

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  12. आपसे शत प्रतिशत सहमत

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  13. ये तो मुझे भी बहुत बेकार लगता है.

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  14. हम तो कभी इस समस्या से दो चार नहीं हुए...ऎसा कोई ब्लाग दिखा ही नहीं जिस पर बैकग्राऊंड में संगीत बजता हो...

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  15. is baat ki to mujhe bhi shikaayat hai..aur sabse jyada gussa tab aata hai jab dhoondhne par bhi nahi milta ki aawaaz kahan se aa rahi hai..
    aapki shikaayat bilkul vazib hai..
    shukriya..

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  16. स्पीकर म्यूट पर रख उनके मंसूबों पर पानी फेर देते हैं, बस्स!! इसमें शिकायत कैसी-उनका ब्लॉग, उनकी मरजी!!

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  17. हमारा स्पीकर अक्सर म्यूट पर ही रहता है ...इसलिए पता ही नहीं चलता कि किस ब्लॉग पर बैकग्राउंड म्यूजिक चाल रहा है ..!

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  18. सुकून के पलों में जब जगजीत जी की ग़ज़ल के साथ जब ब्लॉग पढ़ रहे होते है उस समय अनचाहा संगीत ..ब्लॉग छोड़ने पर मजबूर करता है

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  19. आपकी शिकायत में दम है इसलिए आपसे सहमत

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  20. हाँ...मैं भी ऐसा ही सोचता हूँ.... शिकायत तो मुझे भी है... लेकिन जिनके ब्लॉग पर ऐसा संगीत लगा हुआ है... उनसे मैं बहुत लगाव रखता हूँ... तो उस संगीत को नज़रंदाज़ करके कमेन्ट कर देता हूँ....

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  21. भाटिया साहब लगता है आज अंतरसोहिल जी आप से कुछ खुंदक में है :) :)

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  22. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  23. आपकी शिकायत एकदम जायज़ है. यही नहीं कई ब्लॉग पर अजीब-अजीब तरह के गेजेट के लिंक लगे रहते हैं, जिनके रहते पोस्ट खुलती ही नहीं. या फिर बहुत ही देर में खुलती है.

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  24. :)....
    हमेशा नहीं पर कभी लभी लगता है ...

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  25. मैं भी सहमत हूँ आपसे..

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  26. आपका कहना एकदम सही है. कभी कभी कोफ़्त तो होती ही थी पेज खुलने मे भी समय ज़्यादा लगता था. मैंने तो स्पीकर ही बंद रखना शुरू कर दिया.

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  27. हमारा तो स्पीकर बंद रहताहै इसलिए इस परेशानी से साबका नहीं पड़ा ...

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  28. पी.सी.गोदियाल जी ऎसी बात नही, अंतर सोहिल जी ने भी अपने मन की बात कही, इस मै कोई बुराई नही, वेसे शिकायत अपनो से होती है,बेगानो से नही, ओर जिन लोगो की मैने यह शिकायत की है वह भी हमारे मित्र हे, ओर मै उन के ब्लांग पर जाना चाहता हू, बस शोर के कारण नही जा पाता, ओर फ़िर मेरे जेसे कई ओर लोग भी नही जाते होंगे, तो मै तो उन का भला ही सोचता हुं, ओरुन की गलती उन्हे बता रहा हुं. अगर किसी को बुरा लगेगा तो उन से माफ़ी चाहूंगा, यह तो मेने पहले ही लिख दिया कि एक ब्लांग उन की अपनी चीज है जो चाहे करे,लेकिन अपना नुकसान वो अंजाने मै कर रहे है

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  29. भाटिया साहब हमें इस प्रकार की परेशानी नहीं होती है | क्यों कि जब हम सर्फिंग करते है तब अपने स्पीकर को स्विच ऑफ रखते है |

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  30. mere blog par to aapne walk karna band kar diya hai mere par to koi music nahi bajta

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  31. राजजी ! मैं भी स्पीकर बन्द ही रखता हूँ इसलिए कभी सुन नहीं पाता, हाँ कभी कभी कोई गाना सुनाई दे भी जाता है तो ये सोच कर स्वीकार कर लेता हूँ कि शायद उस ब्लोगर ने आपने ब्लॉग को और ज़्यादा आकर्षक बनाने के लिए ये किया होगा .......वैसे आपकी शिकायत जायज़ है.........लेकिन नाजायज़ वो भी नहीं है.......हा हा हा हा all is well !

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  32. हाँ मेरे ब्लाग पर भी नही आते आज कल।। उस पर कोई noise पाल्यूशन नही है। शुभकामनायें।

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नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।