19/06/09

लिजिये आप सब की नजर दो शॆर

मै शाय्रर तो नही.... अजी मै कोई गीत नही गा रहा, ओर ना ही शॆर लिख रहा हुं,
बस यह दो शॆर पढे, मन को भाये तो आप के सामने पॆश कर रहा हुं.
मेरे से तो हिन्दी ही मुश्किल से लिखी जाती है, एक लाईन मै हजार गलतियां, तो फ़िर शॆर ओर कविता कहा से लिख पाऊगां, यह तो आप सब का मान है कि मेरी गलतियो के अनदेखा कर देते है आप सब.
तो लिजिये दो फ़डफ़डते शेर.... जिन के है उन्हे मेरा सलाम...
सुना है तुम्हारी एक नजर से कत्ल होते है लोग "फ़र्ज"
इक नजर हम को भी देख लो के जिन्दगी अच्छी नही लगती.

जब हकीकत भी ख्वाब हो जाये,
क्यो ना ख्वाबो का ऐतबार करे.

पहेली सोमवार सुबह २,००जर्मन/ ओर भारतीया समय+३,३० यानि ५,३० पर
अगर आप अपनी राय दे तो बहुमत जिन टिपण्णियो का होगा वो मान्य होगी,
तो आप समय के लिये अपनी राय देवे

27 comments:

  1. पहेली का इंतज़ार है और शेर लग रहे है कि फ़ड़फ़ड़ाते हुये हैं।

    ReplyDelete
  2. एक नज़र से दो दो शिकार ...
    क्या खूब कहते हैं आप
    हिन्दी ना उर्दू और दो दो शेर
    मशाल्लाह .....शेर ने कत्ल ही कर डाला...

    ReplyDelete
  3. नमस्कार,
    शेरों को बाँध कर लाना था, यहाँ कत्ले आम मच जायेगा| :)

    ReplyDelete
  4. લોગ બાગ સચ હી કહ રહે હૈં હમારી ભી યહી રાય હૈ :)

    ReplyDelete
  5. भाटिया जी इतनी अच्छी हिन्दी तो आप लिख रहे हैं..और भी अच्छी लिखेंगे हौसला रखिये

    ReplyDelete
  6. राज जी,अच्छे शेर हैं। आपकी हिन्दी भी अच्छी है।जैसे हम सब की है:)

    ReplyDelete
  7. पहेली का इन्तजार है.शेर अच्छे लगाये.

    ReplyDelete
  8. बढ़िया शेर सुनाये आपने । आभार ।

    ReplyDelete
  9. सुना है तुम्हारी एक नजर से कत्ल होते है लोग "फ़र्ज"
    इक नजर हम को भी देख लो के जिन्दगी अच्छी नही लगती.

    वाह! शेर पढ़कर आनंद आ गया।

    ReplyDelete
  10. अरे ये तो सचमुच के शेर हैं !

    ReplyDelete
  11. शेर -सवा सेर हैं .पहेली का इन्तजार .

    ReplyDelete
  12. जिन्दगी अच्छी नही लगती..

    वाह क्या शब्दों के तीर हैं..

    ReplyDelete
  13. इतने तगडे शेरों को बांध कर रखना चाहिये था.:) खुला शेर छोडना कानूनन जुर्म है.

    रामराम.

    ReplyDelete
  14. देखा किये वो मस्त निगाहों से बार बार .....
    भाग भाग भाग मारा जायेगा बेकार

    बहुत ही खूंखार हैं ये शेर मेरे यार
    कर ले ऐतबार यहीं ख्वाब जोरदार

    ReplyDelete
  15. वाकई फडकते हुये शेर हैं
    जिन के हैं उन्हें भी और आपको भी सलाम

    ReplyDelete
  16. वाह जी ख़ूबसूरत अशआर

    ---
    चर्चा । Discuss INDIA

    ReplyDelete
  17. शेर सच में सवा सेर ही हैं..किन्हीं फ़र्ज़ साहब के छोडे हुए लगते हैं.

    aap ki monday पहेली का समय भारत के सुबह साढ़े पांच इस का अर्थ अबू धाबी के सुबह के चार बजे....!!!!!!!!!!!
    मुझे तो समय suit नहीं करता है..लेकिन अब तक किसी ने असहमति नहीं जतायी तो जैसा सब कहें वैसा ठीक.

    ReplyDelete
  18. जब हकीकत भी खाब हो जाये,
    क्यो ना ख्वाबों का ऐतबार करे.


    (कृपया ख्वाब और ऐतबार दुरुस्त कर लें)

    यह शेर बहुत उम्दा है
    लिए जा रहा हूँ अपने साथ !

    चलते-चलते :
    ये वो नगरी है जहाँ असहमति कोई नहीं जताता
    यहाँ गालिब और प्यारेलाल एक भाव तौले जाते हैं !

    आज की आवाज

    ReplyDelete
  19. सुंदर शेर हैं...
    मीत

    ReplyDelete
  20. बढ़िया शेर हैं।

    ReplyDelete
  21. प्रकाश गोविन्द जी गलती बताने के लिये धन्यवाद
    हम ने गलती सुधार ली है

    ReplyDelete
  22. अच्छा लगा.. और ये भी अच्छा लगा की प्रकाश जी ने गल्ती बताई और वो ठीक हो गई..भाटीया जी आपसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिये..

    ReplyDelete
  23. भाटिया जी, ये तो सचमुच सर्कस वाले नहीं बल्कि जंगल वाले शेर हैं.....लाजवाब।

    ReplyDelete
  24. वाह वाह क्या बात है! बहुत बढ़िया और उम्दा शेर लिखा है आपने!

    ReplyDelete
  25. जब हकीकत भी ख्वाब हो जाये,
    क्यो ना ख्वाबो का ऐतबार करे.

    यूँ तो सब sher achhee हैं.... पर ये jyaada अच्छा लगा........... और paheli का समय............ जैसी santon की raay

    ReplyDelete
  26. वाह वाह क्या बात है! बहुत बढ़िया और उम्दा शेर है LEKIN MUJHE TIME SUIT NAHI KAR RAHA KYUNKI SUBAHA 7 AM TO MAIN SOKAR HI JAAGTA HUN ISLIYE YE SAMAY INDIA KE DOPAHAR KE 2 BAJE HONA CHAHIYE

    ReplyDelete
  27. सुना है तुम्हारी एक नज़र से कत्ल होते हैं लोग ,एक नज़र हमको भी देख लो के जिंदगी अच्छी नहीं लगती | जब हकीकत ही ख्वाब हो जाये ,क्यों न ख़्वाबों का एतबार करें | वाह-वाह क्या शेर हैं |सीधे दिल में उतेरते हैं |
    मैं एक नया ब्लोगर हूँ आप मेरे ब्लॉग पर सादर आमंत्रित हैं |http//kumar2291937.blobspot.com

    ReplyDelete

नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।