18/10/09

हम ने दिपावली कुछ इस तरह मनाई... ओर आप ने केसे मनाई



नमस्कार भाई हम ने यहां घर मै अपने छोटे से मंदिर मै पूजा की, बच्चो को पता चले कि आज का दिन हमारे धर्म मै बहुत बडा है.फ़िर सब ने मिल कर सब से पहले गणेश जी की फ़िर लक्षमी जी की, ओर फ़िर ओम जय जगदीश आरती की, फ़िर सब ने मिल का  घर की बनी मिठाई खाई, ओर फ़िर से फ़ोन को चला दिया , फ़िर सब जानने  वालो के फ़ोन काल आते रहे, लेकिन इस साल फ़ोन काल कम आये, लेकिन बच्चो ने कोई आतिशवाजी नही करी
सब से पहले चित्र मै मिठाई भगवान के चरणो मै रखी है,फ़िर घर के सभी सदस्य मिल कर बेठ गये ओर आरती शुरु कर दी, फ़िर देखे हमारी आरती की थाली, मिट्टी के दिये ओर उन मै शुद्ध सरसॊं का तेल( यह मै भारत से लाया हुं)

ओर सब से अंत मै बच्चे ओर बीबी पूजा करते हुये, मै चित्र खींच रहा हुं, ओर मेरे साथ मेरा हेरी भी खडा है, उसे इस दिन बहुत मजा आता है, क्योकि उसे भी इस दिन मिठाई जो मिलती है... मां ओर पिता जी की बहुत याद आई, क्योकि इस दिन मां ओर पिता जी फ़ोन जरुर करते थे,ओर मां ने कहा था कि कुछ भी हो शगन जरुर करना सब त्योहरो का, जिस से हमे भी खुशी होगी,आप सुनाये आप ने केसे मनाई दिपावली

25 comments:

  1. हमने तो दिवाली घर से बाहर होने के कारण महानगरी स्वरुप में मनायी | आप को ढ़ेरों शुभकामनाये |

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  2. हमने ऑर्कुट पर आपको दिवाली मनाते देख लिया था. :)

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  3. यहीं दीवाली का सच्चा स्वरूप है.

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  4. आप ने दीवाली बहुत अच्छी तरह मनाई। हम ने भी अपने यहाँ दीवाली मनाई है। फिर कभी फुरसत में बताएँगे।

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  5. राज जी,
    इन संस्कारों से ही तो भारत की दुनिया भर में पहचान है...विदेश में भी पूरे रीति-रिवाज के साथ त्यौहार मनाना उन सबके लिए सबक है जो पैसे के पीछे रोबोट बने घूम रहे हैं और अपनी पहचान को ही खोते जा रहे हैं...

    जय हिंद...

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  6. khushee huee aapke ghar ki puja aarti dekh ker

    aur mithayi bhee badhiya lagee :)

    Humaree Deepawali ki baat fir batayenge

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  7. कैमरे को आप आटो मोड मे लगा देते तो आपको भी हम पूजा करते देख लेते ।

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  8. आपकी पूजा तो आदर्श रही फिर शिकायत जैसी क्या बात???????????
    आप भाग्यशाली हैं कि आपको सबका सहयोग मिला दीपावली को आदर्श रूप में मानाने का........

    चित्रमय बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.

    दीपावली और भाई-दूज पर आपको और आपके परिवार को अनंत हार्दिक शुभकामनाएं.

    चन्द्र मोहन गुप्त
    जयपुर
    www.cmgupta.blogspot.com

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  9. एक प्रश्‍न सभी से - हम सब राम का स्‍मरण करते हुए दीवाली मनाते हैं लेकिन दीवाली के‍ दिन राम का पूजन कोई नहीं करता, बस सब लक्ष्‍मी का ही पूजन करते हैं। आखिर ऐसा क्‍यूं?

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  10. चित्रमय बढ़िया प्रस्तुति।

    शरद कोकास जी ठीक कह रहे।

    बी एस पाबला

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  11. बस ऐसे ही हमने भी दीवाली मनाई.
    आप की चित्रमय प्रस्तुति पसंद आई.
    अपने घर की और अपने देश की तो त्योहारों पर बहुत याद आती ही है.
    वो रौनक और मज़ा त्योहारों का यहाँ कहाँ?

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  12. घर से दूर हूँ .. और घर वालों की कमी को बाकायदा महसूस कर सकता हूँ ,.. आपके रचना की आखरी दो लाइन ने आँखें भिगो दिए .. दिवाली की ढेरो बधाई


    अर्श

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  13. bas aapne stuti ko ulta banaya hai yah khayaal rahe ....


    arsh

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  14. आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  15. डा. अजीत गुप्ता जी की बात से सहमत हूँ । हम तो राम जी को भी याद करते हैं । आपकी दीवाली अच्छी लगी शुभकामनायें इसी तरह साल दर साल मनाये रहें

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  16. चित्र तो स्पष्ट बता रहे हैं कि आपने दीपावली बहुत अच्छे से मनाई....
    लेकिन पूजा की थाली में आपने जो "स्वस्तिक" बनाया है,वो गलत है । वो स्वस्तिक नहीं बल्कि हिटलर की खतरनाक नाजी पार्टी का चिन्ह है ।

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  17. आपके वाले लिंक पर जाकर ये वाला मैसेज आ रहा है "आप को यह संसाधन देखने कि अनुमति नहीं है।
    कृपया लॉग इन करें "
    नैट पर एक नहीं बल्कि सैंकडों,हजारों जगह यही गलती देखने को मिल रही है ।
    यहाँ मैं आपके लिए 2 लिंक दे रहा हूँ:---
    सही स्वास्तिक चिन्ह:- http://carlosquiles.com/indo-european-language-blog/wp-content/uploads/2007/08/hinduswastika.png

    जर्मन नाजी चिन्ह :- http://i98.photobucket.com/albums/l280/kachina2012/SantaCantalinaSvastika.jpg

    http://farm4.static.flickr.com/3131/3112016675_f0943273cc.jpg?v=0

    http://media.photobucket.com/image/nazi%20symbol/Insho14/Winter%20Festivals%20and%20Hakkoda%20Ski%20Area/SSL23533.jpg

    इस विषय में सही गलत के बारे में अधिकतर लोग भ्रमित हैं । बहुत जल्द एक पोस्ट के जरिए इसे स्पष्ट करने का प्रयास करूँगा...

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  18. शरद कोकास जी जगह कम थी, क्योकि यह मंदिर दिवार के साथ बना है, इस कारण केमरे को आटो पर कर भी देता तो भी चित्र पुरा नही आता,अजीत गुप्ता जी मै तो हमेशा दिल मे भगवान का धन्यवाद करता हुं, जब हम दिपावली की पुजा करते है तो सब को तो पता ही है कि आज राम चंद्र जी वनबास से लोटे थे, तो मेरे ख्याल मै लोग राम चंद्र जी की ही पुजा करते होगे, मै तो भगवान राम चंद्र जी की ही पुजा करता हुं , बाकी अन्य लोगो का पता नही, लेकिन आप का प्रशन बहुत अच्छा लगा,

    वत्स जी आप ने भी जो बात बताई मेने फ़िर से उसे चेक किया, अब पता नही मै गलत हुं, आप इस लिंक पर जा कर देखे हिटलर के स्वस्तिक का निशान,भाई हम ठहरे आम आदमी , ओर गलती भी हो सकती है,हम ने तो मन से पुजा करी है, अब गलती भगवान माफ़ करेगे.अर्श जी इस दिन जब तक मां ओर पिता जी का फ़ोन नही आता था, सब सूना सूना लगता था, ओर मां बाप का फ़ोन जन्म दिन ओर त्योहार पर जरुर आता था...
    आप सभी का धन्यवाद

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  19. स्वस्तिक यहां देख सकते है वत्स जी

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  20. भाटिया साहब,
    दीवाली मनाने का सुरुआती दौर तो सच में आपके घर से एकदम मिलता-जुलता ही था, मगर आरती ख़त्म होने के बाद बच्चे बाहर दोस्तों के साथ पटाखे फोड़ने में मशगूल हो गए ( हालांकि इस बार बहुत कम पठाखे उन्होंने जलाए ) श्रीमतीजी बाहर गेट पर. सीडियो पर, छत पर एवं तुलसी के गमले पर दीये सजाने में व्यस्त हुई तो हमें मौका मिल गया और कसम से कुछ ही देर बाद मुझे तो हर चीज़ दो नजर आने लगी ! :-)

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  21. दिपावली तो ताउ के सग म्ना आया जी

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  22. बहुत बधाई जी दिपावली की. बहुत अच्छा लगा परंपरागत तरीके से दिवाली मनाते देखकर.

    रामराम.

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  23. आपकी यह सचित्र प्रस्‍तुति बहुत ही अच्‍छी लगी और अन्तिम पंक्तियां तो दिल को छू गई माता-पिता की बातें एवं उनकी याद हमेशा ऐसे अवसरों पर आंखे भिगा जाती है ।

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  24. बहुत अच्छे से मनाई जी आपने दिवाली ...माता पिता की याद हमेशा साथ ही है

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  25. aapne bahut achhe se deepavali mnai is bar hmari deepavli bhut vishesh thi kyoki mera pota jo abhi matr do mheene ka hai uske sath phli deevali thi
    to pooja se jyada us par dhyan tha baki deepavali bhut achhe se mani
    aapki prstuti achhi lgi

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नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

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उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।