09/01/11

बेचारी बिल्ली...मोसी

अजी देखिये शराफ़त की भी हद हो गई ना.... अब राम प्यारी ताऊ की तरह शरीफ़ है तो यह काला कॊवां ओर यह झवरा कुत्ता उसे चेन से नही रहने देता.यकिन ना आये तो खुद ही देख लो....

9 comments:

  1. सही है-बेचारी बिल्ली.

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  2. शरीफो को सभी परेशान करतें है।

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  3. बिल्ली मोसी और कुकर मोसा की रब ने बना दी जोड़ी। आखिर मानव जीवन में भी वे लड़ते-भिड़ते, प्यार-पुचकार से ही तो जीते रहे थे :)

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  4. लगता है जैसे दाल भात में मूसल चंद आ गया हो । ( कौव्वा )

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  5. झबरु की अकेले हिम्मत नहीं पड़ रही होगी तभी उस्ताद को साथ लाया होगा।

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  6. इंसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है तीनो !

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  7. जब भी कोई जीव जन्म लेता है तो उसका क्या होगा, वह क्या बनेगा, क्या करेगा यह कोई नहीं बता सकता। पर उसकी मौत एक न एक दिन जरूर होगी यह निश्चित होता है।

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नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।