13/5/08

नमस्ते, नमस्कार, सलाम अलविदा..


सब दोस्तो को नमस्कार..

5 आप की राय:

Udan Tashtari said...

नमस्कार जी!

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद, मन तो नही करता कि जाऊ क्योकि आप सब ने इतना प्यार दिया हे, लेकिन अब यहां कुछ अजीब सा लगता हे, इस लिये आज यह मेरी आखरी पोस्ट हे, वेसे मे आता रहुगा टिपण्णी के रुप मे.

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

'लेकिन अब यहां कुछ अजीब सा लगता हे,'


लगता है किसी बात ने आपके दिल को चोट पहुँचायी है। हम आपको नही जाने देंगे। हम सब आपके साथ है और लगातार आपको पढना चाहेंगे।


आपने ही जिद कर मुझे रोका है। अब आप जाने की बात न करे।

mamta said...

अरे ऐसा क्या हो गया राज जी।

अभिषेक ओझा said...

नमस्कार पर अलविदा नहीं !

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आप का धन्यवाद आप ने अपना बहुमूल्य समय हमे दिया, अपने विचार प्रकट किये,