02/12/09

अन्ताक्षरी 11 गीतों भरी

आदरणीय जी के अवधिया जी ने पूछा-
"कृपया यह भी स्पष्ट करें कि सिर्फ फिल्मी गीतों की अंताक्षरी है या इसमें कविताएँ, गीत, गज़ल, छंद जैसे कि दोहा, चौपाई आदि भी दे सकते हैं?"

जी के अवधिया जी अन्ताक्षरी कविताओं भरी हर शुक्रवार को प्रकाशित होती है, उसमें आप कवितायें, गीत, गजल, छंद आदि सभी कुछ लिख सकते हैं। चाहे तो अपनी तुरन्त बनाई हुई रचना या पंक्तियां भी। बाकि दिन केवल फिल्मी गीतों की अन्ताक्षरी चलती है।

आदरणीया संगीता पुरी जी ने कहा-
"अंतर सोहिल जी को पापी पेट की कोई चिंता नही क्‍या ??"

जी संगीता पुरी जी क्योंकि मेरा पेट पापी नहीं है, इसलिये मुझे कोई चिंता नही। मुझे तो मेरे अन्तर्मन की चिंता रहती है, उसके पाप कैसे दूर करूं। अरे हम ने तो यूही लिख दिया था, पेट तो किसी का भी पापी नही:)

सुश्री महक जी और पण्डित किशोर जी आप लोगों के आने से हमें बहुत अच्छा लगता है।
अगर संभव हो सके तो हिन्दी में टंकण की कोशिश कीजिये।

इस खेल का उद्देश्य आपकी बोरियत दूर करके आपके होठों पर मुस्कुराहट लाना और हिन्दी में आपकी टंकण गति बढाना है।

आज की अन्ताक्षरी शुरू करते हैं इन पंक्तियों से
इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमजोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे भूल से भी कोई भूल हो ना

"न" से शुरू कीजिये

३०/११/०९ की विजेता है mehek जी, हमारी तरफ़ से बधाई
१/१२/०९ की विजेत है संगीता पुरी जी हमारी तरफ़ से बधाई

42 comments:

  1. नैनों में बदरा छाये बिजुरी सी चमकी हाये
    ऐसे में बलम मोहे गरवा लगा ले

    'ल'

    ReplyDelete
  2. लाल छडी मैदान खडी
    क्या खूब लड़ी

    "ड़" से

    ReplyDelete
  3. "ड़" से गीत नहीं हो सकता .. 'ड' से हो सकता है !!

    ReplyDelete
  4. डम डम डिगा डिगा , मौसम भिगा भिगा , बिन पिए मैं तो गिरा मैं तो गिरा हाय अल्‍लाह , सूरत आपकी सुभान अल्‍ला 'ल' से या अल्‍लाह यानि 'ह' से होना चाहिए , मुझे नहीं मालूम !!

    ReplyDelete
  5. हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने!
    चाहे तू माने, चाहे ना माने!!

    "न" से गाइए!

    ReplyDelete
  6. नैन तुम्हारे मजेदार ओ जनाबे आली
    हमको तो तुमसे है प्यार ओ जनाबे आली

    'ल'

    ReplyDelete
  7. लाख छुपाओ चिप न सकेगा राज हो कितना गहरा , दिल की बात बता देता है असली नकली चेहरा "र " से

    ReplyDelete
  8. रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ
    ये मुरादों की हसीं रात किसे पेश करूँ

    ReplyDelete
  9. रंग-बिरंगी राखी लेके आई बहना
    ओ राखी बँधवा ले मेरे वीर

    ReplyDelete
  10. रोशन तुम्‍हीं से दुनिया , रौनक तुम्‍हीं जहां की , फूलों में पलनेवाली , रानी हो गुलसितां की , सलामत रहो , सलामत रहो !! 'ह' से

    ReplyDelete
  11. हमदम मेरे, मान भी जाओ
    कहना मेरे प्यार का

    ReplyDelete
  12. कहीं दूर जब दिन ढल जाए ,सांझ की दुल्‍हन बदन चुराए, चुपके से आए , मेरे ख्‍यालों के आंगन में कोई सपनों के दीप जलाए 'ए' से

    ReplyDelete
  13. एक शहन्शाह ने बनवा के हसीं ताजमहल
    सारी दुनिया को मुहब्बत की निशानी दी है
    "ह"

    ReplyDelete
  14. हम तो जाते अपने गांव अपनी राम राम राम , अपनी राम राम राम , सबको राम राम राम 'म' से

    ReplyDelete
  15. मैं क्या करूँ राम मुझे बुड्ढा मिल गया
    हाय, हाय बुड्ढा मिल गया
    "य" से

    ReplyDelete
  16. ये जीवन है इस जीवन का यही है यही है यही है रंग रूप .. थोडे गम हैं थोडी खुशियां यही है यही है यही है छांव धूप 'प' से

    ReplyDelete
  17. पर्बतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है
    सुरमई उजाला है, चम्पई अंधेरा है
    "ह"

    ReplyDelete
  18. हर कोई चाहता है एक मुट्ठी आसमां , हर कोई ढूंढता है एक मुट्ठी आसमां 'म' से

    ReplyDelete
  19. मिले तो फिर झुके नहीं नज़र वही प्यार की
    नादान दिल तुझे क्या मालूम.
    "म"

    ReplyDelete
  20. मैं वहीं दर्पण वही न जाने ये क्‍या हो गया कि लागे सबकुछ नया नया 'य' से

    ReplyDelete
  21. ये चांद सा रोशन चेहरा, ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा
    ये झील सी नीली आँखें, कोई राज़ है इनमें गहरा
    "र"

    ReplyDelete
  22. रात और दिन दिया जले मेरे मन में फिर भी अंधियारा है , जाने कहां है वो साथी तू जो मिले जीवन उजियारा है रात और दिन 'न' से

    ReplyDelete
  23. ना झटको सुल्फ़ से पानी यह मोती टूट जायेंगे
    तुम्हारा कुछ न बिगड़ेगा मगर दिल टूट जायेंगे
    "ग" से

    ReplyDelete
  24. गुडिया हमसे रूठी रहोगी , कबतक न हंसोगी , देखों जी किरण सी लहराई , आई रे आई रे हंसी आई 'ई' से

    ReplyDelete
  25. इशारों इशारों में दिल लेने वाले
    बता ये हुनर तूने सीखा कहाँ से
    निगाहों निगाहों में जादू चलाना
    मेरी जान सीखा है तुमने जहाँ से
    "स" से

    ReplyDelete
  26. सौ बरस की जिंदगी से अच्‍छे हैं .. अच्‍छे हैं प्‍यार के दो चार दिन .. जिंदगी की हर खुशी से अच्‍छे हैं .. प्‍यार के दो चार दिन 'न' से

    ReplyDelete
  27. नैना बरसें, रिमझिम रिमझिम
    नैना बरसें, रिमझिम रिमझिम
    पिया तोरे आवन की आस
    नैना बरसें, रिमझिम रिमझिम
    "म"

    ReplyDelete
  28. मेरे संग संग आया तेरी यादों का मेला , अकेला गया था मैं था मैं न आया अकेला , मेरे संग संग आया तेरी यादों को मेला !! 'ल' से

    ReplyDelete
  29. लागी मनवा के बीच कटारी
    कि मारा गया ब्रह्मचारी, हाय
    कैसी ज़ुल्मी बनायी तैने नारी
    कि मारा गया ब्रह्मचारी
    "र" से :)

    ReplyDelete
  30. रास्‍ते का पत्‍थर किस्‍मत ने मुझे बना दिया .. जो रास्‍ते से गुजरा एक ठोकर लगा गया .. रास्‍ते का पत्‍थर .. 'र' से

    ReplyDelete
  31. राही तू मत रुक जाना, तूफ़ां से मत घबराना
    कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल
    कहीं दूर गगन की छाओं में
    "म"

    ReplyDelete
  32. मेरी भीगी भीगी सी पलकों पे रह गए जैसे मेरे सपने बिखर के .. जले मन तेरा भी किसी के मिलन को अनामिका को भी तरसे 'स' से

    ReplyDelete
  33. सखी रे मेरा मन उलझे तन डोले
    अब चैन पड़े तब ही जब उनसे मिलन हो ले
    सखी रि मेर मन उलझे तन डोले
    "ल"

    ReplyDelete
  34. लाखों तारे आसमां में एक मगर ढूंढे ना मिला .. देख के दुनिया की दीवाली दिल मेरा चुपचाप जला 'ल' से

    ReplyDelete
  35. लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज हो कितना गहरा
    दिल की बात बता देता है, असली नक़ली चेहरा
    "र"

    ReplyDelete
  36. रूलाके गया सपना मेरा बैठी हूं कब हो सवेरा रूलाके गया सपना मेरा 'र' से

    ReplyDelete
  37. रात का समा झूमे चन्द्रमा
    तन मोरा नाचे रे जैसे बिजुरिया
    "य" से

    ReplyDelete
  38. ये शमा ,शमा है ये प्यार का ,किसी क इंतजार का ,
    दिल ना चुरा ले कहीं मेरा ,मौसम बहार का



    ReplyDelete
    Replies
    1. This comment has been removed by the author.

      Delete

नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।