07/01/12

डॉo रूपचंद्र शास्त्री जी का फोन बजता रहा

डॉo रूपचंद्र शास्त्री जी का फोन बजता रहा, लेकिन उन्होंने पिक नही किया। दिनेशराय द्विवेदी जी (बारहा में ये शब्द और द्वारा लिखना कोई सिखा दे मुझे, मेहरबानी होगी) अस्वस्थ थे फिर भी इंतजार था। डॉo टी एस दराल जी का तो खासतौर पर इंतजार था, क्योंकि उनसे तो मंच पर बहुत सारी व्यंग्य रचनायें सुननी थी। (डॉo  साहब के मन में कुछ है, जाने कब बतायेंगे, ना आने का कारण).........................पूरा पढें..
सभी प्रोफेशनल कवियों (जैसे इस बार बुलाये गये थे) कि बजाय केवल 2-3 कवि व्यवसायिक हों और कम से कम 6-7 ब्लॉगर्स कवियों को सुनने का मौका मिले। इस बार कवि सम्मेलन में श्री पद्मसिंह जी ने हमारे विशेष आग्रह पर एक कविता सुनाई जो सांपलावासियों को बहुत-बहुत पसन्द आयी और पद्मसिंह जी को अगली बार के लिये अभी से बुक किया जाता है।............................पूरा पढें.

10 comments:

  1. अरे भाई सांपला में सबसे पहले मैं ही पहुंचा था ..और इस पोस्ट पर भी सबसे पहले टिप्पणी मैंने ही की है .....हा...हा...हा..हा..! जाट जी को देवता होने के कारण तरजीह देना सही है .....तो हम राम हैं .....हा..हा.हा.!

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  2. अरे हां केवलराम जी
    याद आ रहा है मुझे पहले तो आप ही पहुंचे थे। उस समय मैं स्टेशन गया हुआ था और पहले जाट देवता से मिला। राम जी तो सबसे पहले होते ही हैं।

    प्रणाम

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  3. बहुत सुंदर पोस्ट ओर सुंदर यादे मेरी बीबी भी बता रही हे कि आप के प्यार भरे परिवार के बारे, मां ओर दादी के बारे, उसे भी बहुत प्यार मिला, धन्यवाद यह टिपण्णी कंचन भाटिया की ओर से हे...

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  4. अन्तर सोहिल जी!
    आपकी शिकायत वाजिब है!
    ठीक 22 तारीख को बेटे ने एक राज़ का पर्दाफास किया। जिसके कारण मैं सभी ब्लॉगर्स के दर्शनों से वंचित रह गया। सारे फोन के सिम मौने बदल दिये थे। क्योंकि घर का वातावरण ठीक नहीं था। मेरे सारे फोन घरवालों ने सर्विस लॉंच पर लगा दिये थे। क्योंकि मैं एक सप्ताह के लिए अज्ञातवास पर चला गया था।
    दिल्ली तक की आने जाने की टिकट भी कैंसिल नहीं करा सका। वस्तु स्थिति आपको शब्दों का दंगल पर ज्ञात होगी!

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  5. अन्तर सोहिल जी!
    आपकी शिकायत वाजिब है!
    ठीक 22 तारीख को बेटे ने एक राज़ का पर्दाफास किया। जिसके कारण मैं सभी ब्लॉगर्स के दर्शनों से वंचित रह गया। सारे फोन के सिम मौने बदल दिये थे। क्योंकि घर का वातावरण ठीक नहीं था। मेरे सारे फोन घरवालों ने सर्विस लॉंच पर लगा दिये थे। क्योंकि मैं एक सप्ताह के लिए अज्ञातवास पर चला गया था।
    दिल्ली तक की आने जाने की टिकट भी कैंसिल नहीं करा सका। वस्तु स्थिति आपको शब्दों का दंगल पर ज्ञात होगी!

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  6. आपकी शिकायत का निवारण जल्दी ही करेंगे, अगले सम्मेलन में ।
    अब यह आप पर निर्भर है कि अगला कब करते हैं । :)

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  7. बहुत बढ़िया कार्यक्रम रहा... दोबारा फिर से मिलनी की तमन्ना है

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नमस्कार, आप सब का स्वागत है। एक सूचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हैं, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी है तो मॉडरेशन चालू हे, और इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा। नयी पोस्ट पर कोई मॉडरेशन नही है। आप का धन्यवाद, टिपण्णी देने के लिये****हुरा हुरा.... आज कल माडरेशन नही हे******

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।