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3/18/10

बहुत दिन हो गये अन्ताक्षरी खेले हुये

बहुत दिन हो गये हैं ना अन्ताक्षरी खेले हुये, तो आईये आज फिर से खेलते हैं।  आप क्यो नही आते अन्ताक्षरी खेलने, एक बार आओ फ़िर देखे केसे आप बचपन मै लोट जाते है, हम सब को भी कभी कभी बच्चा बनना चाहिये, तभी तो हम अपने बच्चो के दोस्त बन पायेगे....
तो आईये ओर हम संग खेले ओर थोडी देर के लिये सब गम भुल जाये...
नये आने वाले मित्रों के लिये भी आज अन्ताक्षरी के कुछ नियम दोबारा बता देते हैं।
कृप्या अपने दिये हुए अक्षर पर खुद गाना ना गायें। अपना अक्षर देने के बाद कृप्या धैर्य रखें और 2-3 मिनट इंतजार करने के बाद कमेंट पन्ने को रिफ्रेश या रिलोड करें। F5 दबा कर, अपने दिये अक्षर के बाद गाये गानों को जरूर पढें, अगर कोई गलती करता है तो सबको सचेत करें। चेन को टूटने ना दें, अगर चेन टूटती है तो सबको बतायें और वहीं से शुरू करें जहां से चेन टूटी थी। अगर एक ही अक्षर पर दो टिप्पणियां आती हैं तो पहले पब्लिश हुई टिप्पणी के दिये अक्षर पर गाना लिखें। झुंझलायें नहीं और जल्दी से रिफ्रेश करके टिप्पणी लिखें। 
नोट - इस पेज को टैब में खुला रखिये और अपना गाना गाकर और अंतिम अक्षर " " के बीच में लिखकर टिप्पणी करके आप दूसरी टैब में ब्लाग्स और चिट्ठियां पढ सकते हैं, और दूसरे कार्य कर सकते हैं। फिर जब फ्री होते हैं तो एक बार फिर से पेज को रिफ्रेश या रिलोड करिये और फिर से खेलना शुरु कर दीजिये। जब आप जल्दबाजी में टाईप करते हैं या कोई गाना एकदम से याद आता है या दूसरे लोगों के गाये गानों को पढते हैं तो एकदम से आपके होठों पर जो मुस्कान आती है - "क्या आपने उसे महसूस किया है?" बताईयेगा जरूर। तो चले आज की आंतक्षरी की तरफ़.. 
होंठों में ऐसी बात मैं दबा के चली आई
खुल जाये वही बात तो दुहाई है दुहाई 
"ई" से

1/6/10

आज की अंताक्षरी

नमस्कार, सलाम, सत श्री अकाल जी, तो लिजिये आज हमारे यहां छुट्टी है ओर इस छुट्टी का लाभ इस भरी सर्दी मै कुछ इस प्रकार उठाया जाये कि समय बिताने के संग संग कुछ मनोरंजन भी हो, तो ली जिये आज आप इस भजन को सुने ओर इस के आंतिम अक्षर से अगली रचना पेश करे, अब चाहे भजन हो, गीत हो, प्राथना हो, आप की अपनी कविता हो, गजल ठुमरी हो, बस अंतिम अक्षर से आगे कडी बनाते चले, ओर प्रेम की गंगा बहाते चले... चलिये अगर आप का मन इस अति सुंदर भजन सुनाने का नही तो हम बता देते है इस भजन का आंतिम अक्षर रे यानि आप ने र अक्षर से अगली कडी मिलानी है, अभी मै सपन लोक मै विचरण कर रहा हुं, बस थोडी देर मै आता हुं, तब तक आप महफ़िल लगाये... अक्षर है ***र***

12/4/09

अन्ताक्षरी भाग २ कविताओ, गजलो, शेरो ओर गीतो की.

आप सब का स्वागत है आज कि इस आंताक्षरी मै, इस आंताक्षरी मै आप अपनी कविताये, गजले, शायरो शायरी, भजन, शलोक, गीत, कव्वाली जो चाहे जनाब लिख सकते है, बस आप ने अपने से पहले ब्लांगर की रचना के आखरी शव्द से अपनी  रचना लिखनी है, यानि जरुरी नही वो गीत वो कविता आप की हो या आप उसे पुरी यहा लिखे... अजी जनाब दो लाईने भी चलेगी.

यह आंताक्षरी चलेगी इतवार रात तक यानि तीन दिन आप जब चाहे लिखे, अजी किसी साथी को ढुढे फ़िर खेले तो मजा दो गुणा आता है
कल के विजेता है हमारे Gagan Sharma, Kuchh Alag sa  जी तो हो जाये इन के नाम से खुब सारी तालियां


तो लिजिये आज की आंताक्षरी के लिये एक बहुत सुंदर गीत के बोल से एक अक्षर...


कौन आया मेरे मन के द्वारे,
पायल की झनकार लिये
तो देखे आज मीठी सी झनकार ले कर कोन पहले आता है

"य़" अक्षर से

*** कई बार  तबियत खराब होने के कारण नयी आंतक्षरी ना दे पाऊ तो आप पहले वाली आंताक्षरी पर ही खेल सकते है, राम राम

12/2/09

अन्ताक्षरी 11 गीतों भरी

आदरणीय जी के अवधिया जी ने पूछा-
"कृपया यह भी स्पष्ट करें कि सिर्फ फिल्मी गीतों की अंताक्षरी है या इसमें कविताएँ, गीत, गज़ल, छंद जैसे कि दोहा, चौपाई आदि भी दे सकते हैं?"

जी के अवधिया जी अन्ताक्षरी कविताओं भरी हर शुक्रवार को प्रकाशित होती है, उसमें आप कवितायें, गीत, गजल, छंद आदि सभी कुछ लिख सकते हैं। चाहे तो अपनी तुरन्त बनाई हुई रचना या पंक्तियां भी। बाकि दिन केवल फिल्मी गीतों की अन्ताक्षरी चलती है।

आदरणीया संगीता पुरी जी ने कहा-
"अंतर सोहिल जी को पापी पेट की कोई चिंता नही क्‍या ??"

जी संगीता पुरी जी क्योंकि मेरा पेट पापी नहीं है, इसलिये मुझे कोई चिंता नही। मुझे तो मेरे अन्तर्मन की चिंता रहती है, उसके पाप कैसे दूर करूं। अरे हम ने तो यूही लिख दिया था, पेट तो किसी का भी पापी नही:)

सुश्री महक जी और पण्डित किशोर जी आप लोगों के आने से हमें बहुत अच्छा लगता है।
अगर संभव हो सके तो हिन्दी में टंकण की कोशिश कीजिये।

इस खेल का उद्देश्य आपकी बोरियत दूर करके आपके होठों पर मुस्कुराहट लाना और हिन्दी में आपकी टंकण गति बढाना है।

आज की अन्ताक्षरी शुरू करते हैं इन पंक्तियों से
इतनी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमजोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे भूल से भी कोई भूल हो ना

"न" से शुरू कीजिये

३०/११/०९ की विजेता है mehek जी, हमारी तरफ़ से बधाई
१/१२/०९ की विजेत है संगीता पुरी जी हमारी तरफ़ से बधाई

11/30/09

अंताक्षरी १० गीतो भरी

अन्ताक्षरी नंO 10 गीतों भरी में आपका स्वागत है।
अन्ताक्षरी के बारे में आप अपने विचार भी व्यक्त करेंगें तो हमें सुविधा होगी, जिससे इस खेल में रोचकता बनी रहे। आशा है इसी प्रकार आपका सहयोग मिलता रहेगा । आप सबके सुझावों और शिकायतों का हमें इंतजार है।

अन्ताक्षरी को ज्यादा रोचक बनाने के लिये कुछ फेर-बदल किये गये हैं और नये आने वाले मित्रों के लिये भी आज अन्ताक्षरी के कुछ नियम दोबारा बता देते हैं।

1> सोमवार से वीरवार तक हर रोज नयी अन्ताक्षरी गीतों भरी खेली जायेगी। इसका भारतीय समय सुबह 10:00 बजे से अगली सुबह 6:00 तक रहेगा। यानि आप पूरे बीस घंटे में किसी भी समय जब फ्री हों तब भी खेल पायेंगें।
2> शुक्रवार को शुरू होने वाली अन्ताक्षरी कविताओं भरी को इतवार की सुबह 6:00 बजे तक खेला जायेगा।
3> अन्ताक्षरी कविताओं भरी में आप अपनी या किसी की भी कोई कविता, शेर, गजल गा सकते हैं।
4> प्रत्येक अन्ताक्षरी में तीन विजेता हो सकते हैं। प्रथम सबसे ज्यादा टिप्पणी करने वाले (आयोजकों की नही), द्वितीय जिनके दिये अक्षर पर कोई भी गाना नही आयेगा, तृतीय जो आखिर तक खेल खेलेंगें।
5> सोमवार को सभी विजेताओं के नाम घोषित किये जायेंगें और उनके ब्लाग या नयी पोस्ट को भी प्रचारित किया जायेगा।

कृप्या अपने दिये हुए अक्षर पर खुद गाना ना गायें। अपना अक्षर देने के बाद कृप्या धैर्य रखें और 2-3 मिनट इंतजार करने के बाद कमेंट पन्ने को रिफ्रेश या रिलोड करें। F5 दबा कर, अपने दिये अक्षर के बाद गाये गानों को जरूर पढें, अगर कोई गलती करता है तो सबको सचेत करें। चेन को टूटने ना दें, अगर चेन टूटती है तो सबको बतायें और वहीं से शुरू करें जहां से चेन टूटी थी। अगर एक ही अक्षर पर दो टिप्पणियां आती हैं तो पहले पब्लिश हुई टिप्पणी के दिये अक्षर पर गाना लिखें। झुंझलायें नहीं और जल्दी से रिफ्रेश करके टिप्पणी लिखें।

पिछले सप्तहा मै टिपण्णी विजेता यानि जिन्होने सब से ज्यादा टिपण्णियां दी....
प्रथम स्थान पर विजेता है हमारी संगीता पुरी जी सब से ज्यादा टिपण्णियां करीब १०६
दुसरे स्थान पर विजेता हौ हमारे प्रकाश गोविन्द इन्होने ९८ टिपण्णियां की है
तीसरे स्थान पर विजेता है हमारी Nirmla Kapila जिन्होने ६० से ऊपर टिपण्णियां की है
तालियां जोर दार जी

अरे अरे सुनो भई ओर कल की आंतक्षरी मै विजेता बनी फ़िर से हमारी सब की गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष विशेषय्ग्या ओर हम सब के भाविषया का हाल बताने वाली संगीता पुरी जी
अब फ़िर से जोर दार तालियां, ओर हां भई मै इस पापी पेट के लिये सुबह काम पर जाता हुं, लेकिन मेरी जगह समभालते है आज के होनहार नोजवान
अन्तर सोहिल जी ओर इन सब आंताक्षरी का श्रे भी उन्हे ही जाता है, ओर फ़िर शाम को मै आ जाता हुं, तो अब हमारे नोजवान साथी अन्तर सोहिल जी के लिये भी जोर दार तालियां.
हमारी टीम ने सोचा कि हम इस ब्लांग का नाम बदल दे, लेकिन फ़िर सोचा क्यो? क्यो भाई हमे भी अभी भी शिकायत है, अरे आप सभी क्यो नही आते आंतक्षरी खेलने, एक बार आओ फ़िर देखे केसे आप बचपन मै लोट जाते है, हम सब को भी कभी कभी बच्चा बनाना चाहिये, तभी तो हम अपने बच्चो के दोस्त बन पायेगे....
तो आईये ओर हम संग खेले ओर थोडी देर के लिये सब गम भुल जाये...
तो चले आज की आंतक्षरी की तरफ़.. ओर आज तो आप के होंठो पर एक सुंदर सी मुस्कुराहट ले ही आए हम जी
किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसीका दर्द मिल सके तो ले उधार
किसीके वास्ते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है
"ह" से

11/29/09

अन्ताक्षरी 9 गीतो भरी

आप सबको राज भाटिया और अन्तर सोहिल की नमस्ते

आप सबके सहयोग और हमारा हौंसला बढाने के लिये हम आप सबका हार्दिक धन्यवाद करते हैं। इस पूरे सप्ताह आपने जिस तरह से अन्ताक्षरी में जोश से हिस्सा लिया है, हम आशा करते हैं कि आप को बहुत मजा रहा होगा। यह खेल एक-दो लोगों के लिये और एक-दो घंटे के लिये नहीं, बल्कि सब के लिये और पूरे बीस घंटे चलता है। जब भी आपको खाली वक्त मिले आप कमेंट पेज को रिफ्रेश या रिलोड कीजिये और दिये गये अंतिम अक्षर पर गाना गाईये।
इस खेल का उद्देश्य आपकी बोरियत दूर करके आपके होठों पर मुस्कुराहट लाना और हिन्दी में आपकी टंकण गति बढाना है।

जरूरी सूचना : कृप्या अपने गाये गाने का अंतिम अक्षर अलग से जरूर लिखें और केवल हिन्दी में ही टंकण (Type) करें।
अब आप ये दो गानों के बोल पढ लीजिये
1> दिल दिया है जां भी देंगें वतन तेरे लिये (लिए)
2> याद तेरी आयेगी मुझको बडा रुलायेगी

पहली तरह के गानों के बाद यदि अन्तिम अक्षर नही दिया गया है तो आप '' और '' किसी से भी गा सकते हैं।
दूसरी तरह के गानों में अंतिम अक्षर '' माना जायेगा, कुछ प्रतियोगी '' अक्षर देते हैं, यह गलत है।

ओर हमारे कल के विजेता है जी.के. अवधिया जी, तालियां, ओर हमारी टीम की तरफ़ से अवधिया जी ओ बहुत बहुत बधाई आप आप सब का बहुत धन्यवाद

आज की अन्ताक्षरी शुरू करते हैं इन पक्तियों से
"तुम्हें किसने बुलाया मयकशों से ये ना कह साकी
तबियत मिल गयी है वरना मयखाने बहुत से हैं"
"''"

11/26/09

अन्ताक्षरी 8 गीतो भरी

आप सबको अन्तर सोहिल का प्रणाम

मुझे यह खेल इसलिये पसंद है कि इसे कितने भी लोग, कहीं भी, किसी भी समय बिना किसी साधन के खेल सकते हैं। घर में या बाहर, बस में या ट्रेन में, आफिस में या सडक पर, छोटे और बडे, अमीर और गरीब, सीनियर और जूनियर सब एक साथ मजा ले सकते हैं ।

जब आप जल्दबाजी में टाईप करते हैं, कोई गाना एकदम से याद आता है या दूसरे लोगों के गाये गानों को पढते हैं तो एकदम से आपके होठों पर जो मुस्कान आती है - "क्या आपने उसे महसूस किया है?" बताईयेगा जरूर

नजरों को हर घडी है तेरी ही जुस्तजु
आंखों की आज होने दो आंखों से गुफ्तगु

तो शुरू करते हैं 'ग' से
ओर कल की विजेता भी फ़िर से अर्चना जी है, हमारी तरफ़ से उन्हे बहुत बहुत बधाई, शेष सभी को भी बहुत बधाई ओर धन्यवाद

11/25/09

अन्ताक्षरी 7 गीतो भरी

अन्तर सोहिल का प्रणाम स्वीकार करें

मैं अपनी सबसे बडी दीदी से हमेशा हारता था। उन्हें रेडियो पर गाने सुनने का शौक था और उन्हें बहुत सारे गाने याद थे।  मैं उनसे इतना छोटा था कि मुझे गाने आते ही नही थे। फिर मैने उनके साथ यह खेल खेलने के लिये एक तरकीब निकाली। मैनें उनसे कहा कि जब मुझे किसी अक्षर पर गाना नही आयेगा तो मैं उस अक्षर से शुरू होने वाला फिल्म का नाम बताऊंगा। लेकिन उन्हें गाना ही गाना होगा। लेकिन मैं तब भी उनसे हार ही जाता था। लेकिन यह चीटींग हम यहां नहीं करेंगें। हम और आप केवल गाने ही गायेंगें ।

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तो आईये शुरू करते हैं
यशोमति मैया से बोले नंद लाला
राधा क्यूं गोरी मैं क्यूं काला

आज का पहला गाना गाईये 'ल' से

ठहरिये ठहर्ये जनाब असली काम तो रह ही गया, अजी कल के विजेता का नाम तालियां ऒर खुब जोर दार तालिया, तो कल के हमारे विजेता है अर्चना जी ओर सभी साथियो को बहुत बहुत बधाई ओर धन्यवाद... तो  हो जाये ल ल ल ल

11/24/09

अन्ताक्षरी ६ गीतो भरी

आप सबको अन्तर सोहिल का प्रणाम
मजा आ रहा है ना आप सबको
ये खेल है ही इतना मजेदार
ये खेल हम जब छोटे-छोटे थे तो लगभग रोज रात को खेला करते थे। उस समय टेलीविजन जैसे साधन हमारे पास नही थे। रात को बिजली का गुल हो जाना नियमित था। तो हम सब बच्चे छतों पर और मुंडेरों पर बैठ कर खेला करते थे। मैं मेरी दो दीदीयां और मेरा छोटा भाई हम चारों एक साईड और मेरी सबसे बडी दीदी (उम्र में मुझसे करीबन 7-8 वर्ष बडी हैं) दूसरी तरफ अकेली होती थी। फिर भी हम उनसे रोज हारते थे।
इस खेल को कभी भी, कहीं भी, कितने भी लोग बिना किसी साधन के खेल सकते हैं। इतने मजेदार खेल को इस भागम-भाग भरी जिन्दगी में हम लोग तो भूलने लगे थे। किसी ने सोचा भी नही होगा कि अन्ताक्षरी को ऐसे आनलाईन भी खेला जा सकता है, इस अनूठे प्रयोग के लिये हम सब श्री राज भाटिया जी का हार्दिक धन्यवाद करते हैं कि उन्होंनें हम सबके लिये इतना बढिया खेल शुरू किया है।
और आप सबका हम दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि आप इस खेल में भाग लेने के लिये बार-बार रिफ्रेश और रिलोड करते हैं।
नोट - इस पेज को टैब में खुला रखिये और अपना गाना गाकर और अंतिम अक्षर " " के बीच में लिखकर टिप्पणी करके आप दूसरी टैब में ब्लाग्स और चिट्ठियां पढ सकते हैं, और दूसरे कार्य कर सकते हैं। फिर जब फ्री होते हैं तो एक बार रिफ्रेश करे
कल की पहेली के विजेता है.. रुप चंद्र शास्त्री जी

लेकिन हम उस के बाद प्रकाश गोविंद जी के संग काफ़ी देर खेलते रहे, बहुत मजा आया, आप मै से सभी लोग कभी भी किसी भी समय अपने साथी बना कर या जो लाईन पर हो खेल सकते है, समय तो सिर्फ़ नियम बनाने के लिये ही रखा है, वेसे सारा समय ब्लांग खुला है खेलने के लिये, धन्यवाद
तो शुरु करे आज की आंतक्षरी....
तू प्यार का सागर है,
तू प्यार का सागर है,
तेरी एक बून्द के प्यासे हम,
तेरी एक बून्द के प्यासे हम,
तो शुरू करे...
"" से जी

11/23/09

अन्ताक्षरी ५ गीतो भरी

आज की अन्ताक्षरी शुर करने से पहले आप सब से एक प्राथना है कि आप एक तो अपनी दिये गीत हटये( डीलिट) ना करे, दुसरा जब बहुत से लोग इकट्टॆ गीत देते है , तो उस समय थोडा सब्र रखे, झुझलाये नही, गुस्सा ना करे, याद करे जब हम बचपन मै इस आंताक्षरी को खेला करते थे, तो कितना शोर मचता था, ओर जितने ज्यादा लोग होते थे, शोर भी उतना ही मचता था, लडाई भी होती थी, फ़िर हम लडाई की उस जड को खोज कर आंताक्षरी वही से शुरु करते थे, जहां कुछ गलत हो जाता था, बस वेसा ही कुछ इस आंताक्षरी मजा आये यही मेरा मकसद है,

आज निर्मला जी ओर संगीता जी ओर ताऊ से लगातार खुब आंताक्षरी खेली, बीच बीच मै महक जी , प्रकाश जी ओर बहुत से साथी आते रहे, बस आप सब से यह विनती है कि झुझलये नही मजा ले, सच कहूं तो बहुत मजा आता है, मेरे बच्चे ओर बीबी भी जल्दी जल्दी से उस अक्षर से गीत ढुढते है, ओर जब मिल गया तो हमारे लिखने से पहले ही दुसरे का मोजूद, ओर फ़िर से ढुढते है... अरे जल्दी अरे जल्दी... यानि पुरा परिवार खुश.

अभी तो मेने ब्लांग से बहुत कुछ हटा दिया ताकि जल्द से चले,मेने कल चेट बक्स लगाया था, लेकिन फ़िर हटा दिया, क्योकि उस से स्पीट कम हो गई थी, ओर फ़िर मुझे चेट बक्स कुछ खास नही लगा, लेकिन कल हमारे नोजवान साथी अन्तर सोहिल जी आये गे, बाकी वो भी कुछ तबदीली करेगे.....


१> अपने गाने के नीचे कृप्या अपने दिये अक्षर को भी " " यानि कोलन के बीच में लिख दें तो नये आने वालों को सुविधा होगी

२> कृप्या जो चेन चल रही है उसे टूटने ना दें, यानि जो टिप्पणी पहले प्रकाशित होती है उसी के दिये अक्षर से ही गाना गाएं
३> अगर एक ही समय मै एक ही शब्द पर दो लोगो ने अलग अलग या एक ही गीत लिख दिया तो जिस का गीत पहले (यानि ऊपर होगा) उसी के गीत से कडी आगे चलेगी
४> ओर आंताक्षरी का समय खत्म होने के बाद भी अगर आप खेल रहे है तो आप का नाम विजेतओ मै नही गिना जायेगा, लेकिन खेल सकते है, पुरे १० बजे भारतीय समय इस आंताक्षरी की समाप्ति का है, हां १,२ मिंट आगे पीछे हो सकते है......

आप सारी रात भी इसे खेल सकते है, मै ओर ताऊ काफ़ी देर तक खेलते रहे, बहुत मजेदार
तो चलिये अब कल के विजेता का नाम कल के विजेता है हमारे ****राम पुरिया ताऊ जी***तालिया.
ओर आज की पहेली फ़िर से एक नये भजन से, उस भजन के आंतिम शव्द से शुरु होगी आज की आंताक्षरी...

मन तड़पत हरि दरसन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज
आ, विनती करत, हूँ, रखियो लाज,
मन तड़पत हरि दरसन को आज

"ज" अक्षर से

11/22/09

अन्ताक्षरी ४ गीतो भरी

अब इस आंताक्षरी मै आगे बढने से पहले कुछ सुझाव हमे अन्तर सोहिल जी ने दिये जो बहुत उचित लगे, ओर मुझे लगता है अब लोगो को भी धीरे धीरे मजा आ रहा है, आज की अंताक्षरी के बाद हम एक दिन के बाद अगली अंताक्षरी किया करे गे, यानि एक दिन अंताक्षरी तो दुसरे दिन उसे से सम्बंधित कुछ बाते, विजेताओ कि, गलतिया करने वालो के बारे ओर कुछ सुझाव आप सब के.
अभी तो यह अपने छोटे छोटे कदमो पर है ओर इस मै आप सब का सहयोग भी जरुर चाहिये...
अब कुछ नियम जो अन्तर सोहिल जी के दुवारा दिये गये है,

१> अपने गाने के नीचे कृप्या अपने दिये अक्षर को भी " " यानि कोलन के बीच में लिख दें तो नये आने वालों को सुविधा होगी

२> कृप्या जो चेन चल रही है उसे टूटने ना दें, यानि जो टिप्पणी पहले प्रकाशित होती है उसी के दिये अक्षर से ही गाना गाएं
३> अगर एक ही समय मै एक ही शब्द पर दो लोगो ने अलग अलग या एक ही गीत लिख दिया तो जिस का गीत पहले (यानि ऊपर होगा) उसी के गीत से कडी आगे चलेगी
४> ओर आंताक्षरी का समय खत्म होने के बाद भी अगर आप खेल रहे है तो आप का नाम विजेतओ मै नही गिना जायेगा, लेकिन खेल सकते है, पुरे १० बजे भारतीय समय इस आंताक्षरी की समाप्ति का है, हां १,२ मिंट आगे पीछे हो सकते है......
******************************
तो हम चले आगे की ओर......
आज की विजेता है निर्मला कपिला जी जिन्होने आखरी गीत भारतीय समय अनुसार करीब ९,१२ पर लिखा,
कल सब से आखिर मै हमारे समीर जी आये थे, लेकिन समय के अनुसार बहुत बाद मे इस लिये जीत कर भी विजेता नही बन पाये, लेकिन अगली बार जरुर कोशिश करे, ओर मेरी मजबूरी भी समझे
तो आज की आन्ताक्षरी फ़िर से एक भजन से शुरु होती है...ओर उस भजन के आन्तिम अक्षर से आगे....
मन रे तू काहे न धीर धरे
वो निर्मोही मोह ना जाने
जिनका मोह करे...!

"र"

11/21/09

अन्ताक्षरी ३ गीतो भरी

नमस्कार आप सभी को, आज की आंताक्षरी १०,०० बजे भारतीय समय अनुसार शुरु की है, ओर यह भारतीया समय अनुसार रात १०,०० बजे तक चलेगी, यानि सुबह १०,०० बजे से रात १०,०० बजे तक, आगे आप सब भी अपनी अपनी राय दे, कल से मेरे साथ मेरे साथी के रुप मे अन्तर सोहिल जी भी मिल कर इस श्रांखला को आगे बढायेगे.

आप सब की राय की हमे सख्त जरुरत है, ओर इस समय के बारे जरुर बताये यह समय आप सब को केसा लगा
आज के विजेता है संगीता पुरी जी ओर फ़िर समीर लाल जी भी अपना नाम विजेतओ मै लिखवाने मै सफ़ल रहे, क्योकि समय तो रात एक बजे है ओर संगीता जी अंत तक डटी रही, १,०१ ओर फ़िर १,११ तक संगीता जी रही फ़िर समीर जी आ गये.समय के अनुसार तो संगीता जी जीती.
आज की पहेली इस भजन के आंतिम शव्द से शुरु होगी....

अल्लाह तेरो नाम, ईश्‍वर तेरो नाम
अल्लाह तेरो नाम, ईश्‍वर तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान
सबको सन्मति दे भगवान
अल्लाह तेरो नाम ...

11/20/09

अन्ताक्षरी २ गीतो भरी

कल की आन्ताक्षरी मै आप सभी ने बहुत साथ दिया, लेकिन उस मै पहला दिन होने के कारण बहुत सी गलतिया मेरे से हुयी, कुछ गलतियां आप से हुयी, लेकिन सब मिला कर बहुत अच्छा लगा, ऎसा लगा जेसे हम सब बचपन मै दो तीन ग्रुपो मै बेठे एक दुसरे को हराने की ओर अपने अपने ग्रुप को जीताने की सोच रहे है, ओर सभी ने बढ चढ कर हिस्सा लिया.
अब पहले गलतियो की बात करते है, मेने ने पहले कोई नियम ठीक से नही बताये, क्योकि जितने मुझे पता था वो मेने लिख दिये बाद मै मेने देखा तो काफ़ी बाते समझ मै आई, तो आज हम फ़िर से नयी आन्ताक्षरी शुरु करे, उस से पहले आप को यह बता दे कि कई बार एक ही समय मै दो तीन साथी टिपण्णी मै अपना गीत दे देते है, तो उस समय उसी गीत को माना जायेगा जो सब से पहले आया, बाकी लोगो को दोवारा से ओर नये शव्द से गीत ढुढना होगा, दुसरी बात कई बार कोई नया साथी बीच मै बिना समझे ही अपनी तरफ़ से कोई गीत लिखे ओर एक दो लोग उसे फ़लो कर दे तो भी सही अक्षर से दोवारा आंतक्षरी उसी स्थान से चलेगी जहा से गडबडी शुरु हुयी, ओर हर गलती पर आप लोग भी टिपण्णी दे कर उस गलती को सुधार सकते है.

हर आन्ताक्षरी मै पहली अन्ताक्षरी के गीत दोवारा आ सकते है, लेकिन जो अन्ताक्षरी चल रही है उस मै एक गीत सिर्फ़ एक बार ही चलेगा, ओर जिस के जबाब सही ओर सब से अन्त मै होगे, वोही विजेता होगा, बाकी बाते अगली पोस्ट मै, जेसे जेसे हम आगे बढते रहे गे हमे अपनी गलतियो का पता चलता रहेगा, बीच बीच मै आप लोग भी साबधान करते रहे, ओर साथी लोगो की गलतिया भी सुधारते रहे, सही जबाब देने के लिये जबाब को जल्द टिप करे.

मेने पहले लिखा था कि जिस के जबाब सब से ज्यादा होगे, लेकिन हमारी बीबी ने कहा कि यह गलत है, जिस के जबाब सब से अन्त मै आयेगा, ओर भारतीय समय के अनुसार रात एक बजे तक आयेगा वोही विजेता होगा, ओर उसे लम्बा इंतजार भी करना होगा, जेसे आप कोई गीत छोड देते है, ओर काफ़ी समय तक कोई उस गीत के आखरी अक्षर से आगे नही बढता तो ओर रात के एक बजे या उस से पहले लम्बे समय तक कोई नही आता तो आप विजेता बन जायेगे, ओर अगर रात तक अन्ताक्षरी चलती रही तो रात एक बजे कुछ समय के लिये अन्ताक्षरी को रोक कर ओर आखरी अक्षर को दुसरे दिन की शुरु आत से फ़िर शुरु किया जायेगा..

मै कभी कभी आप लोगो का साथ देने आता हुं, इस लिये मै विजेता कभी नही बन पाऊगां, हा अगर आप लोगो को ऎतराज हो तो मै आप सब के संग गीत के बोल भी नही लिखूगां, वो सिर्फ़ इस लिये लिखता हुं कि कई बार कोई अकेला पड जाता है, बस इस लिये अगर मेरा जबाब आन्तिम हुया तो मेरे से पहले वाला विजेता कहलयेगा
कल की विजेता तो अल्पना जी बन गई, एक दम आई ओर विजेता बन गई,वेसे आप सब ने बहुत बहुत साथ दिया, ओर मजा भी खुब आया
ओर आज की अन्ताक्षरी का अक्षर है..... ल....... तो चलिये आज इस अक्षर से शुरु करे..... साथ मै अपनी राय भी दे... क्या अन्ताक्षरी का कोई निश्चित समय रखा जाये, अगर हा तो कब से कब तक. आप की राय की भी इंतजार है
कल जिन जिन लोगो के साथ दिया सब का बहुत बहुत धन्यवाद

11/19/09

आओ आप को ले चले बीते दिनो मै...अन्ताक्षरी १

जी आज से मैने सोचा क्यो ना हम उन दिनो मे चले, जो हम सब ने एक से बिताये हो,यानि जब भी हमे समय होता था तो सब कभी कभी अन्ताक्षरी खेला करते थे, यानि लडी बार गीत गाना, ओर फ़िर मेरे जेसे हेरा फ़ेरी कर के जोर जबर्दस्ती से जीत जाते थे, गलत मलत गीत गा कर, बहुत सुंदर समय था  वो बचपन का.

तो चलिये आज से सिल सिला शुरु करते है उन पलो का फ़िर से, मै अन्त मै एक शब्द आप को दुंगा, आप ने उस शव्द से कोई एक गीत की कम से कम दो लाईने लिखनी है, ओर उस लाईन के आंतिम शव्द से अगला गीत शुरु करना है, आप सब ने बस एक धयान रखना है कि एक गीत इस अन्ताक्षरी मै सिर्फ़ एक बार ही लिखे, वेसे आप चाहे कितनी बार भी कितने ही अलग अलग गीत लिखे.

ओर इस मे विजेता वो होगा जो सब से ज्यादा गीत लिखे गा, यह अन्ताक्षरी (मुझे यह शव्द भूल गया  है केसे लिखना है) रवि वार तक, ओर इस के परिणाम के संग ही दुसरी अन्ताक्षरी शुरु हो जायेगी, लेकिन आप सब ने आज मुझे इस मै अपनी राय भी देनी है, कि इस मै ओर क्या क्या सुधार किये जाये, यानि अभी तो यह पहला प्रयास है. तो आप सब तेयार है.

यह गीत है तलत की आवज मै ....
अंधे जाहन के, अंधे रास्ते... जाये तो जाये कहा,
दुनिया तो दुनिया, तु भी पराया हम यहां ना वहां.
देखे इस बार  पहला विजेता  कोन बनता है
 तो चलिये अब ह या हा से कोई गीत फ़िर उसे से आगे आगे आप को पता ही है.....

ओर आप सब ने अपनी अपनी राय जरुर देनी है सुधार के बारे, ताकि अगली अन्ताक्षरी उस सुधार के संग आये

मुझे शिकायत है !!!

मुझे शिकायत है !!!
उन्होंने ईश्वर से डरना छोड़ दिया है , जो भ्रूण हत्या के दोषी हैं। जिन्हें कन्या नहीं चाहिए, उन्हें बहू भी मत दीजिये।